भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (IIM-Ahmedabad) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक बड़ी और अहम सौगात मिली है। संस्थान को ₹100 करोड़ का एंडोमेंट फंड प्राप्त हुआ है, जिसके ज़रिये एक नए और समर्पित Krishnamurthy Tandon School of Artificial Intelligence की स्थापना की जाएगी। यह पहल IIM-Ahmedabad की अकादमिक क्षमता को और मज़बूत करने के साथ-साथ भारत में AI शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
नए AI स्कूल का मकसद केवल क्लासरूम तक सीमित पढ़ाई कराना नहीं होगा, बल्कि छात्रों को रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन पर आधारित AI स्किल्स सिखाने पर खास ज़ोर दिया जाएगा। यहां ऐसे कोर्स और रिसर्च प्रोग्राम विकसित किए जाएंगे, जो बिज़नेस, पब्लिक पॉलिसी, हेल्थकेयर, शिक्षा और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में आने वाली वास्तविक चुनौतियों का समाधान निकालने में मदद कर सकें। इससे छात्रों को न सिर्फ टेक्निकल नॉलेज मिलेगी, बल्कि वे AI के ज़रिये समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
इस स्कूल में होने वाली रिसर्च का फोकस सोशल इम्पैक्ट पर भी रहेगा। यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल केवल मुनाफे या टेक्नोलॉजी तक सीमित न रहकर, समाज की बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया जाएगा। ग्रामीण विकास, डिजिटल समावेशन, हेल्थकेयर एक्सेस और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर AI-आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं। यह पहल भारत जैसे विकासशील देश के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
₹100 करोड़ के इस एंडोमेंट फंड से न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च सुविधाओं को मज़बूत किया जाएगा, बल्कि फैकल्टी डेवलपमेंट, इंटरडिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स और ग्लोबल कोलैबोरेशन को भी बढ़ावा मिलेगा। IIM-Ahmedabad का लक्ष्य इस नए AI स्कूल के जरिए इंडस्ट्री और अकादमिक जगत के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक समस्याओं पर काम करने का मौका मिल सके।
कुल मिलाकर, Krishnamurthy Tandon School of Artificial Intelligence की स्थापना IIM-Ahmedabad को AI के क्षेत्र में एक नया पहचान देने वाली पहल मानी जा रही है। यह न सिर्फ भारत में AI टैलेंट तैयार करने में मदद करेगी, बल्कि देश को ग्लोबल लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित हो सकती है।




