दूसरा टेस्ट: एजबेस्टन में भारत की सधी हुई शुरुआत, गिल और जायसवाल की दमदार पारी
स्थान: एजबेस्टन, बर्मिंघम
तारीख: 2 जुलाई 2025
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ का दूसरा मुकाबला एजबेस्टन में शुरू हुआ, और पहले ही दिन क्रिकेट प्रेमियों को भरपूर रोमांच देखने को मिला। भारत ने इस मैच में कुछ बदलावों के साथ मैदान पर कदम रखा, जबकि इंग्लैंड ने अपनी विजेता टीम पर भरोसा बनाए रखा।
टॉस इंग्लैंड के पक्ष में गया और उन्होंने पिच की नमी को देखते हुए गेंदबाज़ी चुनी। शुरुआती घास वाली सतह पर यह एक उचित निर्णय था, और इसका असर मैच की शुरुआत में साफ दिखाई भी दिया।
भारत की पारी: संघर्ष और संतुलन का मिश्रण
भारतीय पारी की शुरुआत सतर्कता के साथ हुई। ओपनर यशस्वी जायसवाल और करुण नायर ने पहले कुछ ओवरों में गेंद की स्विंग का सामना करते हुए रन बनाने की बजाय विकेट बचाने को प्राथमिकता दी। हालांकि, जल्द ही करुण नायर आउट हो गए और भारत को पहला झटका लग गया।
इसके बाद क्रीज़ पर आए शुभमन गिल, जो इस सीरीज़ में कप्तानी की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। गिल ने काफ़ी आत्मविश्वास के साथ अपनी पारी की शुरुआत की और जायसवाल के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की।
जायसवाल की शानदार पारी
यशस्वी जायसवाल, जो पहले टेस्ट में भी शानदार लय में नज़र आए थे, इस मैच में भी उन्होंने अपनी फॉर्म को बरक़रार रखा। उन्होंने तेज़ और आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए कुछ बेहतरीन चौके और एक खूबसूरत छक्का जड़ा। उनकी पारी में आत्मविश्वास और नियंत्रण साफ दिखाई दे रहा था।
उन्होंने 87 रनों की शानदार पारी खेली और ऐसा लग रहा था कि वे शतक के करीब पहुंच जाएंगे, लेकिन एक बाउंसर को पुल करने के प्रयास में वे कैच आउट हो गए। हालांकि, तब तक वे भारत को मज़बूत स्थिति में ला चुके थे।
मध्य क्रम का लड़खड़ाना
जायसवाल के आउट होते ही भारत की पारी में थोड़ी लड़खड़ाहट दिखाई दी।
ऋषभ पंत, जो हमेशा आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हैं, इस बार ज़्यादा देर टिक नहीं पाए और केवल 4 रन बनाकर आउट हो गए।
उनके बाद आए नितीश रेड्डी, जिन्होंने इस मैच से टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया, वे भी 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
इस समय भारत का स्कोर था 160 के आसपास और तीन विकेट बहुत जल्दी गिर चुके थे, जिससे दबाव साफ महसूस हो रहा था।
गिल और जडेजा का संयम
यहीं से कप्तान शुभमन गिल और ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला। दोनों ने संयम से बल्लेबाज़ी की और रन गति को संतुलित बनाए रखा। शुभमन गिल की बल्लेबाज़ी में तकनीकी दक्षता और धैर्य दोनों दिखाई दिए।
जडेजा ने भी अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाते हुए गिल के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की। उन्होंने खराब गेंदों को सीमा पार भेजा लेकिन साथ ही एक छोर मजबूती से संभाले रखा।
हालांकि दिन के आखिरी सत्र में जडेजा 33 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच चुका था।
दिन का अंत: भारत 243/5
दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 5 विकेट खोकर 243 रन बना लिए थे। कप्तान शुभमन गिल नाबाद 77 रन बनाकर क्रीज़ पर मौजूद हैं और उनके साथ नए बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक (या अगला बल्लेबाज़) क्रीज़ पर हैं।
अगर भारत दूसरे दिन 350 या उससे ऊपर तक पहुंचता है, तो यह स्कोर उसे मैच में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी: अनुशासित लेकिन थोड़ी धीमी
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी अनुशासित रही। क्रिस वोक्स ने नई गेंद से बेहतरीन शुरुआत की और दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
मार्क वुड ने अपनी तेज़ रफ़्तार से पंत को चकमा दिया।
स्पिनर बशीर ने एक अहम विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की।
हालांकि इंग्लैंड को जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी का शायद अंदाज़ा था, फिर भी वे भारत को 250 से कम पर नहीं रोक पाए।
बुमराह को आराम क्यों दिया गया?
सबसे चौंकाने वाला फैसला था जसप्रीत बुमराह को इस मैच में आराम देना। पहला टेस्ट उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी के दम पर जिताया था। लेकिन भारत की टीम मैनेजमेंट ने उन्हें इस मैच के लिए रोटेशन नीति के तहत विश्राम दिया।
उनकी जगह मुकेश कुमार और आकाश दीप को गेंदबाज़ी की ज़िम्मेदारी दी गई है। इनके प्रदर्शन पर सबकी निगाहें रहेंगी।
पिच रिपोर्ट और मौसम का असर
एजबेस्टन की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज़ गेंदबाज़ों को मदद मिली। हल्की नमी और बादलों की मौजूदगी से स्विंग देखने को मिला, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, पिच बल्लेबाज़ों के अनुकूल होती गई।
दूसरे दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे बल्लेबाज़ों को फायदा मिल सकता है।
भारत की रणनीति: पहले 350, फिर दबाव
भारत की कोशिश होगी कि वह दूसरे दिन स्कोर को 350 या उससे ऊपर ले जाए। शुभमन गिल का नाबाद रहना और निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर जैसे बल्लेबाज़ों की मौजूदगी इस रणनीति को मज़बूती दे सकती है।
इसके बाद गेंदबाज़ों के ज़रिए इंग्लैंड पर दबाव बनाना और जल्दी विकेट चटकाना भारत के लिए अहम रहेगा।
इंग्लैंड की योजना: जल्दी ऑलआउट करो और ‘बज़बॉल’ चालू करो
इंग्लैंड चाहेगा कि वह भारत को 300 से पहले समेट दे और फिर अपने आक्रामक अंदाज़, यानी ‘बज़बॉल’ स्टाइल से रन बनाए। उनकी बल्लेबाज़ी में गहराई और गति दोनों है — खासकर स्टोक्स, बेयरस्टो और बटलर जैसे बल्लेबाज़ों से यही उम्मीद रहती है।
अगर इंग्लैंड को जल्द विकेट मिलते हैं, तो वह मैच में मज़बूती से वापसी कर सकता है।
पहले दिन का निष्कर्ष
- भारत ने पहले दिन मिश्रित प्रदर्शन किया: शुरुआत में सतर्कता, बीच में लड़खड़ाहट और अंत में फिर स्थिरता।
- शुभमन गिल की कप्तानी पारी भारत के लिए संबल बनी रही।
- यशस्वी जायसवाल का फॉर्म भारत के लिए एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।
- इंग्लैंड ने ठीक-ठाक गेंदबाज़ी की, लेकिन विकेट निकालने में थोड़ी कमी रही।
आगे क्या?
दूसरे दिन सुबह की सत्र में इंग्लैंड चाहेगा कि वह दो-तीन जल्दी विकेट ले और भारत को कम स्कोर पर रोके। वहीं भारत चाहेगा कि वह अगले 100 रन कम से कम जोड़कर मैच में मजबूत पकड़ बनाए।
यह टेस्ट अभी पूरी तरह से संतुलन में है। दोनों टीमों के पास मौके हैं, लेकिन कौन इसका फ़ायदा उठाएगा, यह आने वाला दिन तय करेगा।
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